
Traditional Marketing VS Digital Marketing – 10 Best Reasons To Use Digital Marketing
परिचय
स्वागत है आप सब का हमारे इस ब्लॉग में, आज के इस ब्लॉग में हम आपको बताएंगे कि आखिर Traditional Marketing VS Digital Marketing क्या होती है? इसके advantages और disadvantages क्या हैं। Traditional Marketing and Digital Marketing में अंतर क्या है। और इस Blog में दोनों Traditional Marketing and Digital Marketing को compare करके बताएंगे की दोनों में कौन ज्यादा effective है। यदि आप internet का use करते हैं और आपका business, traditional marketing based है तो यह blog आपके Business के लिऐ रामबाण उपाय हो सकता है। बस आपका काम है इस blog को पढ़ते रहिए। मैं बार बार traditional marketing Vs digital marketing की बातें कर रहा हूं l आप लोगों को इसके बारे में थोड़ा बहुत तो knowledge होगा ही। फिर भी हम traditional marketing और digital marketing क्या होता है इसके बारे में जानने की कोशिश करते हैं l
किसी भी business के लिए marketing अहम हिस्सा होता है। Marketing की वजह से ही business को अपना brand name मिलता है। आपने यह गौर किया होगा कि कुछ business की brand नहीं होती लेकिन कुछ business की brand ऊंची होती है। यह सब marketing के तरीके के ऊपर निर्भर होती है। अब यह बात सामने आती है कि business में कौन से marketing के तरीके अपनाया जाय जिससे business को brand name मिल सके। देखिए मार्केटिंग करने के दो तरीके होते हैं पहला तो ये की जो तरीके पुराने समय से चलते आ रहें हैं जिन्हें traditional marketing कहते हैं और दूसरा जो आज के digital युग में हो रहा है, जिन्हें digital marketing कहते हैं। Traditional marketing और digital marketing से जो business होता है उसे traditional business और digital business कहते हैं। चलिए इन दोनों business को अच्छे से जानते हैं। इस तरह से Traditional Marketing VS Digital Marketing के इन दोनों methods को अलग अलग अच्छी तरह से उपयोग करके digitally प्रोग्रेस किया जा सकता है।
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Traditional Marketing:
यह तो आप नाम से जान चुके होंगे, कि ट्रेडीशनल मार्केटिंग पुराने दौर या पुराने समय में की जाने वाली व्यापार की मार्केटिंग का तरीका था, और आज के युग में डिजिटल मार्केटिंग अपने धीरे धीरे पैर फैलाते जा रहा है
ट्रेडीशनल मार्केटिंग (Traditional Marketing) क्या है ? यह मार्केटिंग करने का पुराना तरीका है, काफी सारे व्यापारी अपना व्यापार बढ़ाने के लिए विज्ञापन के पुराने तरीके का प्रयोग किया करते है, जो शतकों से चली आ रही है, मार्केटिंग टेक्निक जो अब धीरे-धीरे करके कम होती जा रही है, और इसकी जगह डिजिटल मार्केटिंग आता जा रहा है, लोग पहले ट्रेडीशनल मार्केटिंग के लिए टीवी, रेडियो, न्यूज़ पेपर, होल्डिंग जैसे पुराने तरीकों का इस्तेमाल किया करते थे, इन तरीकों का इस्तेमाल तो आज भी किया जाता है, पर इसका इस्तेमाल Online पहुंच चुका है, जो कि डिजिटल मार्केटिंग द्वारा किया जाने लगा है, मार्केटिंग में धीरे-धीरे बदलाव आ रहे हैं, और आज टेक्नोलॉजी इस पर भारी पड़ रही है।
What is Digital Marketing?
डिजिटल मार्केटिंग (Digital Marketing) क्या है? मार्केटिंग करने का वह तरीका है, जिसको टेक्नोलॉजी और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया की मदद से व्यापारियों के व्यापार का विज्ञापन किया जाता है, पूरा काम ऑनलाइन, इंटरनेट के माध्यम से किया जाता है, इस दुनिया के बदलते दौर में डिजिटल मार्केटिंग बहुत ही तेजी से बढ़ रही हैं, लोग आगे इंटरनेट पर चीजों को देखते हैं सर्च करते हैं, और वहीं से खरीद भी लेते हैं। इस तरह से Traditional Marketing VS Digital Marketing के इन दोनों methods को अलग अलग अच्छी तरह से उपयोग करके digitally प्रोग्रेस किया जा सकता है।
Difference between Traditional Marketing and Digital Marketing.
इस मॉडर्न इंडिया में ट्रेडीशनल मार्केटिंग को काफी ज्यादा गंभीर कर दिया है, हालांकि डिजिटल मार्केटिंग, ट्रेडीशनल मार्केटिंग से बहुत ज्यादा ही कम खर्च और ज्यादा रिस्पांस देने वाली मार्केटिंग टेक्निक है, जिससे कि लोगों के कम पैसे भी खर्च होते हैं, और मार्केटिंग भी अच्छी तरीके से और टारगेट ऑडियंस तक हो जाती है, डिजिटल मार्केटिंग को लोग सीख कर के Online Service ऐसे ही Provide करते जा रहे हैं । इस तरह से Traditional Marketing VS Digital Marketing के इन दोनों methods को अलग अलग अच्छी तरह से उपयोग करके digitally प्रोग्रेस किया जा सकता है।
Main Methods of Traditional Marketing:
ट्रेडीशनल मार्केटिंग पुराने तरीके से की जाती थी जो कि Modern India को पसंद नहीं हैं। Traditional marketing में विज्ञापन करने के बहुत ज्यादा पैसे लगते हैं। Traditional marketing अपनी उन ऑडियंस को भी अपना विज्ञापन दिखाते हैं, जिनको इसमें कोई रुचि नहीं होती है। इस मार्केटिंग के बहुत ही कम साधन है।
Traditional marketing में बहुत ही कम ऑडियंस होती है।
- इस मार्केटिंग में व्यापार अपनी सही ऑडियंस या टारगेटेड ऑडियंस तक नहीं पहुंच पाते हैं।
- इस marketing के जरिए ब्रांड को अपना नाम बनाने में काफी ज्यादा समय लगता है।
- Traditional marketing टेक्निक बहुत ज्यादा समय लेती है।
- इस मार्केटिंग मैं पता ही नहीं चलता है, कि हमारे विज्ञापन कहां तक पहुंचे है।
- Traditional marketing में काफी ज्यादा Effort देना पड़ता है, इस तरह से Traditional Marketing VS Digital Marketing के इन दोनों methods को अलग अलग अच्छी तरह से उपयोग करके digitally प्रोग्रेस किया जा सकता है।
Advantages of Traditional Marketing:
Traditional Marketing में use किए गए पोस्टर, पम्फलेट, आदि को दोबारा यूज किया जा सकता है और आप कहीं भी, किसी भी समय पढ़ सकते है । इसमें internet connection की आवश्यकता नहीं होती है ।
- Traditional business का प्रयोग करके आप local audience तक आसानी से पहुंच सकते हो।
- Traditional business में हार्ड कॉपी का यूज किया जाता है। यह हमेशा भविष्य में maintain और recall करने के लिए easy होता है ।
- Traditional business का जो तरीका होता है वह पहले से आजमाया और टेस्ट किया हुआ होता है। इस प्रकार यह तरीका सफलता दिलाने में साबित होगा। इस तरह से Traditional Marketing VS Digital Marketing के इन दोनों methods को अलग अलग अच्छी तरह से उपयोग करके digitally प्रोग्रेस किया जा सकता है।
Disadvantages of Traditional Marketing:
हालाँकि Traditional Business को थोड़ा सफलता मिल रही है। लेकीन आज के बढ़ते internet प्रयोग के कारण Traditional Business को कुछ नुकसान भी है। Internet के अत्यधिक प्रयोग से छोटे बिजनेसमैन भी social media, internet, website का यूज करके अपने बैनर, पोस्टर को WhatsApp, Facebook, Instagram में अपने product का advertise करने के लिये सक्षम है। इसके disadvantage इस प्रकार है-
Traditional marketing में newspaper पर विज्ञापन डालने, या किसी पोस्टर, पैंफलेट को बनाने के लिए आपको बहुत बड़ा invest करने कि आवश्यकता होती है।
- Traditional business में product की प्रचार करने का उत्तम माध्यम नहीं हैं l
- Traditional business में product की marketing करने के किए ज्यादा मेहनत करना पड़ता है और ज्यादा invest करने पड़ते हैं, लेकिन प्रॉफिट कम होता है।
- Traditional business में customer लिमिटेड होते है। और यह business लिमिटेड जगह पर ही होता है। Limited होने के कारण प्रॉफिट भी कम होता है।
- Traditional marketing में आप अपने advertising को edit नहीं कर सकते। मान लो आप अपने product के लिए एक newspaper में या पोस्टर में विज्ञापन देते हैं । और आपका ऑफर ख़त्म हो गया तो आप विज्ञापन को edit नहीं कर सकते।
- Traditional marketing में specific customers को target नहीं कर सकते। केवल specific market को target किया जा सकता है।
- Traditional business के कई method जैसे newspaper अब online हो रही है। अब लोग online news पढ़ना पसंद कर रहे हैं। क्योंकि online news कहीं भी कहीं भी पढ़ सकते हैं।
- Traditional business के marketing में अब अधिकांश लोग पोस्टर, बैनर को अनदेखा कर रहे हैं, या पढ़ना छोड़ देते हैं और विज्ञापन दिखाए जाने पर television का चैनल बदल सकते है। इस तरह से Traditional Marketing VS Digital Marketing के इन दोनों methods को अलग अलग अच्छी तरह से उपयोग करके digitally प्रोग्रेस किया जा सकता है।
अब हम बात करेंगे कि Digital Marketing के बारे में-
What is Digital Marketing?
डिजिटल मार्केटिंग (Digital Marketing) क्या है? मार्केटिंग करने का वह तरीका है, जिसको टेक्नोलॉजी और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया की मदद से व्यापारियों के व्यापार का विज्ञापन किया जाता है, पूरा काम ऑनलाइन, इंटरनेट के माध्यम से किया जाता है, इस दुनिया के बदलते दौर में डिजिटल मार्केटिंग बहुत ही तेजी से बढ़ रही हैं, लोग आगे इंटरनेट पर चीजों को देखते हैं सर्च करते हैं, और वहीं से खरीद भी लेते हैं। Digital marketing करने के उस तरीके को कह जाता है जो internet, computer, इलेक्ट्रानिक मीडिया के जरिए होती है, यानी अपनी product और services की digital साधन से मार्केटिंग करने की प्रक्रिया को डिजिटल marketing कहते है। Digital marketing करने के इस तरीके को ही digital बिजनेस कहा जाता है। आजकल अपने business की brand वैल्यू बनाने के लिए इन्हीं digital साधन का यूज किया जाता है। हम यह कह सकते हैं की सन 2000 के बाद जितने भी business है वो Digital Marketing का प्रयोग करके किया जाता है। Traditional Marketing का अपडेटेड वर्जन Digital Marketing है। अब आप सोच रहे होंगे कि डिजिटल business, marketing करने के नए तरीके होने के कारण बिजनेसमैन इस तरीके को अपनाता होगा। आपने सही सोचा, लेकिन डिजिटल साधन की नॉलेज नहीं होने के कारण कुछ बिजनेस मैन Traditional Marketing को ही अपनाता है।
Main Method of Digital Marketing:
Digital marketing नए दौर की नई मार्केटिंग टेक्निक्स है जिसको लोग बहुत पसंद करते हैं।
- डिजिटल मार्केटिंग अपने उपभोक्ताओं को विज्ञापन के बहुत ही कम पैसे देने पड़ते हैं।
- Digital marketing में हम अपनी टारगेटेड ऑडियंस तक बहुत आसानी से पहुंच जाते हैं।
- Digital marketing करोड़ों की संख्या में लोग इंटरनेट का इस्तेमाल कर रहे हैं और उसी इंटरनेट के माध्यम से इस विज्ञापन को अंजाम दिया जाता है, इस Digital marketing के पास काफी सारे यूजर्स हैं ।
- डिजिटल मार्केटिंग में व्यापार बहुत आसानी से अपने उपभोक्ता तक पहुंच जाते हैं।
- डिजिटल मार्केटिंग तकनीक के जरिए बैंड बहुत ही कम समय में अपना नाम और अपनी एक अच्छी पहचान बना लेता है,डिजिटल मार्केटिंग बहुत कम समय में और आसानी से की जाने वाली मार्केटिंग टेक्निक है ।
- Digital marketing की मार्केटिंग के बहुत सारे साधन आ चुके हैं ।
- डिजिटल मार्केटिंग में आप पता कर सकते हैं, कि हमारी विज्ञापन कहां तक पहुंची है ।
- डिजिटल मार्केटिंग में Effort तो लगता है, अगर आप इसमें एक्सपर्ट हैं, आप ने इसे सीखा है तो आप बहुत ही आसानी से इसको कर सकते हैं। इस तरह से Traditional Marketing VS Digital Marketing के इन दोनों methods को अलग अलग अच्छी तरह से उपयोग करके digitally प्रोग्रेस किया जा सकता है।
Advantages of Digital Marketing:
ट्रेडीशनल मार्केटिंग को करने के काफी तरीके हैं, पर डिजिटल मार्केटिंग के मुकाबले बहुत कम है। मार्केटिंग आप इन माध्यम से कर सकते है।
- डिजिटल मार्केटिंग को करने के काफी सारे जरिए हैं, इंटरनेट ने इतने सारे जरिए दिए हैं, कि अपने व्यापार को मार्केटिंग करने के, जिसकी कोई सीमा ही नहीं है।
- डिजिटल मार्केटिंग के लाभों की कोई सीमा नहीं है, डिजिटल मार्केटिंग के इस नए दौर की ऐसी तकनीकी जिसको पहले आपको अच्छी तरीके से सीखना पड़ेगा, उसके बाद आप इसको बिजनेस में इंप्लीमेंट कर पाएंगे।
- इसको बिजनेस में इंप्लीमेंट करने के बाद आपका बिजनेस बुलंदियों तक बहुत आसानी से पहुंच जाएगा। डिजिटल मार्केटिंग कम समय में ज्यादा रिस्पांस हासिल होने वाले मार्केटिंग करने का माध्यम है।
- ये ऐसी तकनीकों में से है जिसको आज करोड़ों लोग पसंद कर रहे हैं और इसका इस्तेमाल करके लाखों-करोड़ों लोग पैसे कमा रहे हैं आप भी कमा सकते हैं, सिर्फ जरूरत है, आप इसको पूरी तरह अच्छे से सीख कर इम्प्लीमेंट करें। इस तरह से Traditional Marketing VS Digital Marketing के इन दोनों methods को अलग अलग अच्छी तरह से उपयोग करके digitally प्रोग्रेस किया जा सकता है।
Disadvantages of Digital Marketing:
Digital Marketing जितना आसान और सरल है उतना इसका नुकसान भी है इसके सबसे बड़ा Disadvantages है इसका Digital होना यानि इस मार्केटिंग मे आपको पूरी तरह Technology के निर्भर होना होता है technology के माध्यम से ही हम उस Digital Way पर जाते है जहां हमे अपने Products की Digital Marketing करनी है अगर ये Technology Failed हो गई तो पूरा बिजनेस नीचे जा सकता है।
- Internet का विकास अभी बाकी है लेकिन इंडिया में आधे आबादी के पास internet की पहुच नहीं है। कई लोग खरीदारी के लिए internet का प्रयोग शायद ही करते हैं।
- बढ़ती डिजिटलीकरण के कारण कई online business और E-Commerce स्टोर बढ़ी है यानि स्टार्टअप की संख्या में वृद्धि हुई है। वृद्धि होने के कारण मार्केट मे कॉम्पिटिशन भी बढ़ी है। ऐसे में नए बिजनेस को चलाना मुश्किल हो सकता है। इस तरह से Traditional Marketing VS Digital Marketing के इन दोनों methods को अलग अलग अच्छी तरह से उपयोग करके digitally प्रोग्रेस किया जा सकता है।
Best 10 Reasons to Use Digital Marketing:
Traditional Marketing में invest बहुत ज्यादा करना पड़ता है और लाभ बहुत कम होता है, जबकि Digital Marketing में invest कम करना पड़ता है और profit अधिक होती है।
- Traditional Marketing द्वारा कम्पनी का ब्रांड name बनने में टाइम लगता है, जबकि Digital Marketing द्वारा brand जल्दी बन जाता है।
- Traditional Marketing में परफॉर्मेंस को एनालिटिक्स करना संभव नहीं है जबकि Digital Marketing के परफॉर्मेंस का एनालिटिक्स किया जा सकता है।
- Traditional Marketing Company पूरी दुनिया तक नहीं पहुंच पाती, जबकि Digital Marketing company पूरी दुनिया तक आसानी से पहुंच सकती है।
- Traditional business में उन लोगो को भी विज्ञापन दिखाया जाता है जिन्हें उनकी जरूरत नहीं होती जबकि Digital Marketing में डिजिटल advertising द्वारा specific customers को target कर सकते हैं।
- Traditional Marketing 24/7 time उपलब्ध नहीं होती है जबकि Digital business 24/7 time उपलब्ध होती है ।
- Traditional Marketing में हम Blogging नहीं कर सकते लेकिन Digital Marketing में हम Blogging के जरिये Customer से जुड़े रह सकते है।
- Traditional Marketing में Customer का कोई review नहीं होता लेकिन Digital Marketing में Customer के review पढ़ कर अपने Product और Services को बेहतर बना सकते हैं।
- Traditional Marketing में misconception को दूर करना मुश्किल होता हैं लेकिन Digital Marketing में अपने Product और Services के बारे में जानकारी देकर misconception को दूर कर सकते हैं।
- Traditional Marketing एक समय में एक ही जगह से किया जा सकता हैं मगर Digital Marketing एक ही समय में कई जगह से किया जा सकता हैं। इस तरह से Traditional Marketing VS Digital Marketing के इन दोनों methods को अलग अलग अच्छी तरह से उपयोग करके digitally प्रोग्रेस किया जा सकता है।
Which method is good in today’s time for marketing:
पूरी दुनिया में 4.45 बिलियन लोग इन्टरनेट का यूज करते हैं। रिसर्च में पाया गया कि व्यक्ति औसतन दिन के 2 – 4 घंटे internet पर एक्टिव रहते हैं। इससे ये पता चलता है कि internet पर ट्रैफिक बहुत ज्यादा है। ऐसे में इन्टरनेट अपने आप मे बहुत बड़ा मार्केट है। अगर देखा जाए तो इंडिया में भी इंटरनेट यूजर बढ़ते जा रहे हैं। और लोग डिजिटल होते जा रहें हैं।
आज का समय जो कि डिजिटल दौर से गुजर रहा है, एक दौर में जितना डिजिटल मार्केटिंग ने अपने पैर फेला लिए हैं, जिसकी कोई सीमा नहीं है, और आने वाले समय में ही ये digital मार्केटिंग बहुत ही ऊपर जाने वाली हैं।
इस Modern काल में डिजिटल मार्केटिंग करने के एक से एक अच्छे तरीके है और उसने बहुत ही अच्छा Response दिया है, और बहुत सारे व्यापारी इस तकनीक का इस्तेमाल करके बहुत ही अच्छा मुनाफा कमा पा रहे हैं, आज के समय में अगर आप हमारी मानो तो डिजिटल मार्केटिंग ही सबसे अच्छा तरीका है, और गूगल की रिसर्च डिजिटल मार्केटिंग को बहुत ही ज्यादा प्रमोट कर रही है, क्योंकि गूगल खुद डिजिटल मार्केटिंग का इस्तेमाल करता है, गूगल, यूट्यूब, फेसबुक, इंस्टाग्राम, टि्वटर, सभी सोशल मीडिया इस मार्केटिंग तकनीक का फायदा उठाकर अपनी कंपनी को बहुत अच्छा Response दे रहे हैं। इस तरह से Traditional Marketing VS Digital Marketing के इन दोनों methods को अलग अलग अच्छी तरह से उपयोग करके digitally प्रोग्रेस किया जा सकता है।
Conclusion:
इस आर्टिकल में हमने जाना कि Traditional Marketing और Digital Marketing क्या होता है, इन दोनों में अंतर क्या होता है। इस आर्टिकल को पढ़ने के बाद पता चलता है कि Digital Marketing, Traditional Marketing की कमी को पूरा करता है। हमने यह भी जाना की मार्केटिंग के लिए कौन सा तरीका आज के युग में अच्छा है।
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